gobar-Dhan scheme

The purpose of Govardhan i.e. Galvanizing Organic Bio Agro Resource Dhan Scheme is to prepare gas from cow dung. The objective of this scheme is to convert the waste into gold by generating income from the waste for the villagers.
This scheme has been started to convert animal waste, leaves, and other waste into compost, biogas, and bio-CNG. Under this scheme, many plants will be set up in many villages.
These bio plants can be set up by a rural family, a group of rural families with the help of the government.
The announcement of the launch of the GOBAR-DHAN scheme was first done by the then FM Arun Jaitley on 1 February 2018 which is now being carried forward smoothly with the support of the Central Government.

गोवर्धन यानी गैल्वनाइजिंग ऑर्गेनिक बायो एग्रो रिसोर्स धन स्कीम का मकसद गोबर से गैस तैयार करना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों के लिए कचरे से आय पैदा करके कचरे को सोना में बदलना है।
पशुओं के अपशिष्ट, पत्तियों और अन्य कचरे को कम्पोस्ट, बायो-गैस और बायो-सीएनजी में बदलने के लिए इस योजना को आरम्भ किया गया है। इस योजना के तहत कई गांवों में कई प्लांट लगाए जाएंगे। इन बायो प्लांटों को ग्रामीण परिवार, ग्रामीण परिवारों का समूह सरकार की मदद से स्थापित कर सकता है।
गोबर-धन योजना को शुरू करने की घोषणा पहली बार तत्कालीन एफएम अरुण जेटली ने 1 फरवरी 2018 को थी जिसको अब केंद्र सरकार के सहयोग से सुचारु रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है।

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